मोदी सरकार का मुरीद हुआ दुनिया का चर्चित अर्थशास्‍त्री, कही ये बातें

लोकसभा चुनाव नजदीक है और चुनाव से पहले विपक्ष की ओर से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की जमकर आलोचना की जा रही है. विपक्ष की ओर से सरकार की नोटबंदी और जीएसटी के फैसले को लेकर घेरा जा रहा है. वहीं जीडीपी और नौकरी के आंकड़ों पर भी मोदी सरकार की आलोचना हो रही है. इन सबके बीच फ्रांस के चर्चित अर्थशास्त्री गॉय सोरमैन ने मोदी सरकार की नीतियों की जमकर सराहना की है. इसके साथ ही उन्‍होंने जीडीपी और नौकरी के मोर्चे पर भी सरकार का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार की पॉजीटिव और आसान नीतियों ने भारतीय उद्यमियों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार किया है. उन्‍होंने कहा- हम किसी भी सरकार से आर्थिक चमत्कार की उम्मीद नहीं कर सकते हैं. यह जरूर कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की नीतियां सकारात्मक रही हैं. इस सरकार ने उद्यमियों को पहले से बेहतर माहौल दिया है.

सोरमैन के मुताबिक सरकार को ये सफलता कम मुद्रास्फीति और अपेक्षाकृत कम भ्रष्टाचार की वजह से मिली है. उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में जीडीपी में इजाफा और निवेश में बढ़ोतरी बताती है कि नीतियां पॉजीटिव हैं. यह पिछली किसी भी सरकार से काफी बेहतर है.

बीते 1 फरवरी को अंतरिम बजट में सरकार की ओर से छोटे किसानों के लिए 6 हजार रुपये सालाना की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया गया. सरकार के इस फैसले का गॉय सोरमैन ने समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि गरीब और पिछड़े लोगों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने को अब अर्थशास्त्री भी गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका मानने लगे हैं. ऐसे में यह सही फैसला कहा जा सकता है.

सोरमैन ने जीडीपी वृद्धि और रोजगार के आंकड़ों को लेकर विवाद पर भी अपने मन की बात कही. उन्‍होंने कहा कि भारत ग्रामीण अर्थव्यवस्था आधारित देश है. इस देश में अनौपचारिक और वस्तु विनिमय चलन में है. ऐसे में आंकड़े जुटाना मुश्किल काम है. उन्होंने कहा कि सबसे अहम आंकड़ा प्रति व्यक्ति आय का होता है न कि राष्ट्रीय जीडीपी. बता दें कि सोरमैन ने ‘इकॉनमिक्स डज नॉट लाय: ए डिफेंस ऑफ दी फ्री मार्केट इन ए टाइम ऑफ क्राइसिस’ समेत कई किताबें लिखी हैं.

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